बहराइच । गुरुकुल पब्लिक इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक विकास के उद्देश्य से एक विशेष योगा सेशन एवं समग्र विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत योग के अष्टांग मार्ग — यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि — पर विद्यार्थियों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक रूप से अभ्यास कराया गया। सत्र के दौरान बच्चों को विभिन्न आसन, प्राणायाम, योग मुद्राएँ, यम-नियम, आंतरिक शुद्धता, षट्कर्म क्रियाएँ तथा जल नेति जैसी योगिक शुद्धिकरण प्रक्रियाओं की जानकारी एवं अभ्यास कराया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना, मानसिक एकाग्रता विकसित करना एवं आंतरिक संतुलन को सुदृढ़ करना रहा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को अपने तन, मन एवं मस्तिष्क को स्वस्थ रखने, तनाव से दूर रहने तथा योग को दैनिक जीवन में अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन एवं एकाग्रता के साथ सभी गतिविधियों में सहभागिता की। कार्यक्रम में विद्यालय के संस्थापक प्रबंधक तथा विश्व हिंदू परिषद, अवध प्रांत के अध्यक्ष श्री राजदेव सिंह ने विद्यालय के छात्रों को योग के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि योग का अर्थ आत्मा से परमात्मा के मिलन में निहित है। जो योग करता है वह निरोग रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि महर्षि पतंजलि द्वारा प्रस्तुत अष्टांग योग के अभ्यास से व्यक्ति ईश्वर के साक्षात्कार की ओर भी अग्रसर हो सकता है।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के योगात्मक एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं
ब्यूरो रिपोर्ट
मोहम्मद अरमान
मंडल ब्यूरो चीफ देवी पाटन गोंडा

