लोगों का कहना है कि डॉ. अर्शी ने अपनी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ के लिए समर्पित कर दिया है। वह न सिर्फ़ एक माहिर सर्जन हैं बल्कि एक पाबंद-ए-नमाज़ इंसान, पाँच वक़्त के नमाज़ी और अपने उसूलों पर क़ायम शख़्सियत भी समझे जाते हैं
Nazipurwa, Bahraich में उनका क्लिनिक सालों से लोगों की सेवा कर रहा है। डॉ. अर्शी ने अपनी मेडिकल लाइफ़ में अनगिनत सर्जरी कामयाबी से अंजाम दी हैं — चाहे छोटे ऑपरेशन हों या बड़े और नाज़ुक केस। मरीजों का कहना है कि वह इलाज में बेहद तवज्जोह देते हैं, हर मरीज़ की बात धैर्य से सुनते हैं और कोशिश करते हैं कि इलाज आसान, मुफ़ीद और लोगों की हैसियत के मुताबिक़ हो
उनकी शख़्सियत में सादगी और खिदमत दोनों बातें साथ-साथ चलती हैं। कई लोग बताते हैं कि रात-बेरात भी अगर कोई आपातकालीन मामला आ जाए, तो डॉ. अर्शी बिना किसी झिझक के मदद के लिए तैयार हो जाते हैं। उनकी कामयाबी की वजह सिर्फ़ मेडिकल स्किल नहीं, बल्कि अल्लाह पर भरोसा, इंसानी हमदर्दी और मरीज़ों के लिए उनके दिल में मौजूद खालिस मोहब्बत भी है
बहराइच में डॉक्टरों की लंबी कतार है, लेकिन Dr. M. M. Arshi का नाम उनमें सबसे भरोसेमंद, तजुर्बेकार और नेक दिल डॉक्टरों में गिना जाता है। उनकी शिफ़ा-याबी की दुआ आज भी कई घरों में दी जाती है
ब्यूरो रिपोर्ट
मोहम्मद अरमान रजा कादरी
मंडल ब्यूरो चीफ देवी पाटन गोंडा
